कोरोना से शहर में बिगड़े हालात, शमशान घाटो पर अंतिम संस्कार के लिये चल रही है वेटिंग, जानिये शमशान घाटो का हाल।

Haridwar/ sumit yashkalyan

कनखल श्मशान घाट में बद से बदतर हुए हालात ,परिजन जहां-तहां फेंक रहे हैं पीपीई किट श्मशान घाट समिति की मुश्किलें बढ़ी

देशभर में कोरोना ने इतनी डरावनी तस्वीर बना दी है कि हर कोई भयभीत है,, देशभर में कोरोना से हाहाकार मचा है ,,अस्पतालों में ऑक्सीजन नहीं है वेंटिलेटर नहीं है, लोग तड़प तड़प कर जान गवा रहे हैं ,तो वही श्मशान घाटो में भी डरावनी तस्वीर नजर आ रही है, शवों के दाह संस्कार के लिए लोगों की लाइनें लगी है, लोग शवो के दाह संस्कार के इंतजार में घण्टो-घण्टो बैठे है, यही आलम हरिद्वार के खनखल श्मशान घाट में है,, जहां हर रोज 35 से 40 शवों का दाह संस्कार हो रहा है. हालात कुछ इस तरह है कि जहां तहां लोगों को दाह संस्कार के लिए जगह मिल रही है वह श्मशान घाट में वही संस्कार कर रहे हैं इतना ही नहीं करुणा संक्रमित बॉडीज के साथ आ रहे परिजन भी किसी तरह की श्मशान घाट पर एहतियात नहीं भरत रहे है।

 

कोरोना की दूसरी लहर से मरने वालों का आंकड़ा भी दिन-ब-दिन बढ़ रहा है ,, सरकार दावा कर रही है कि उनके पास पर्याप्त व्यवस्थाएं हैं लेकिन श्मशान घाटों में नजारा सरकार के दावों से अलग है,संक्रमण के बेकाबू होने से मरने वालों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई है कि श्मशान घाटों पर शवों के दाह संस्कार के लिए लाइने लग रही हैं, लोग कई घंटे इंतजार करने के बाद शवों का दाह संस्कार कर रहे हैं यह हालत देशभर में है लेकिन धर्म नगरी हरिद्वार में भी इन दिनों श्मशान घाटों पर शवों के अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं मिल पा रही है,, इसलिए समिति ने शवों के अंतिम संस्कार और घाट खाली करने के लिए समय निर्धारित कर दिया है,, कनखल श्मशान घाट किस समिति के लोगों का कहना है की जो आलम इस वक्त है यह इससे पहले कभी नहीं देखा,, हर रोज 35 से 40 शव दाह संस्कार के लिए आ रहे हैं, जिनमें 10 से ज्यादा सव कोरोना से मरने वालों के हैं,, ऐसे में सुबह से ही श्मशान घाट पर शवों के दाह संस्कार के लिए लाइन लग जाती है इतना ही नहीं समिति के लोग यह भी कह रहे हैं कि जो लोग कोरोना संक्रमित शवो के साथ आते हैं उनके पास किसी भी संक्रमण से बचने की कोई व्यवस्था नहीं होती,,और जिनके पास है वह पीपीई किट को इधर-उधर फेंक कर चले जाते हैं जिससे श्मशान घाट समिति को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

 

वीओ- हरिद्वार के कनखल श्मशान घाट में हरिद्वार समेत ऋषिकेश, रुड़की और आसपास के कई इलाकों से शवों को दाह संस्कार के लिए लाया जाता है,, कोरोना काल से पहले शवो की संख्या यहां मामूली होती थी, लेकिन कोरोना की वजह से यहां लाने वाले शवों की संख्या हर रोज बढ़ रही है,, वहीं स्थानीय पार्षद भी इस बात को मान रहे हैं कि इस वक्त भयाभय स्थिति होती जा रही है,, जिससे आसपास के लोग भी काफी डरे हुए हैं,, इसके साथ ही यह खुले में पड़ी पीपीई किट और मास्क से श्मशान घाट में काम करने वाले कर्मचारी भी डरे हुए हैं। इतना ही नहीं जो व्यवस्था कनखल श्मशान घाट समिति द्वारा इस कोरोना काल से निपटने के लिए की गई थी वह अब विफल होती हुई दिखाई दे रही है।

 

 

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