वैदिक राष्ट्र के लिये धर्म संसद आयोजित,

हरिद्वार/ सुमित यशकल्याण

हरिद्वार। आज डासना स्थित शिवशक्ति धाम में सनातन वैदिक राष्ट्र की स्थापना के उद्देश्य को लेकर पहली धर्म संसद आयोजित की गई जिसमें कोरोना संक्रमण काल मे भी देश के कोने कोने से युवाओं ने भाग लिया।धर्म संसद में सामाजिक दूरी और मास्क का कड़ाई से पालन किया गया।
विजय और सदबुद्धि की देवी माँ बगलामुखी और महादेव के महायज्ञ के साथ धर्म संसद को आरम्भ किया गया।


धर्म संसद के उद्देश्य के बारे में बताते हुए यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि आज पूरी इस्लाम के जिहाद से त्रस्त है।हम सनातन के मानने वाले इसके सर्वाधिक पुराने और मनपसंद शिकार रहे हैं।इस्लाम ने अपनी स्थापना के साथ ही हमारे मंदिरों को तोड़ना,हमारे पुरुषों का कत्ल करना, हमारी बहन बेटियो को सामुहिक बलात्कार के बाद मण्डियों में बेचना या इस्लामिक लुटेरों की रखैल बना कर रखना आरम्भ कर दिया था।धीरे धीरे इस्लाम के जिहादियो ने हमसे हमारी सारी धरती को छीन लिया और हमारे पास धरती का यह आखिरी टुकड़ा बच गया है जिसे हमारे कायर और स्वार्थी नेताओ ने सार्वजनिक धर्मशाला बना कर रख दिया।हमारे नेताओं की मूर्खतापूर्ण और अदूरदर्शिता का परिणाम आज हमारे सामने हैं।हमारी बेटियो को लव जिहाद करके बर्बाद करने के लिये और हमे जातियों में बांटने के लिये भी विदेशों से बड़ी मात्रा में धन खर्च किया जा रहा है।आज पूरी दुनिया में हिन्दू सबसे असुरक्षित और निरीह जंतु बन कर रह गया है।आज यदि हिन्दू को जीवित बचना है तो उन्हें अपने धर्म के आधार पर सनातन वैदिक राष्ट्र बनाना ही पड़ेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि सनातन वैदिक राष्ट्र के मार्ग का सबसे बड़ा पत्थर सनातन के मानने वालों में बढ़ता हुआ जातीय वैमनस्य और घटता हुआ जनसँख्या अनुपात है।अगर हिन्दुओ ने इन दो समस्याओं पर काबू नहीं पाया तो दुनिया की कोई ताकत हिन्दुओ को भारत भूमि में मिटने से नहीं सकेगी।


धर्म संसद में सुप्रसिद्ध हिन्दू विचारक और लेखक विनोद सर्वोदय जी ने कहा कि हम अपने बच्चों के भविष्य को केवल नेताओ के सहारे नहीं छोड़ सकते।हमारे कायर और स्वार्थी नेताओ ने आज हमारे देश को इस्लामिक जिहादियो की क्रीड़ास्थली में बदल कर रख दिया है।आज हमें विचार करना है कि हम अपने अस्तित्व और स्वतंत्रता की रक्षा के लिये संघर्ष करेंगे या इस्लाम की गुलामी में गर्क होकर हमेशा के लिये खत्म होंगे।
धर्म संसद में सभी सन्तो ने सम्पूर्ण हिन्दू समाज से श्रीमद्भगवद्गीता के सिद्धांतों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
धर्म संसद में भाग लेने वाले युवाओं ने सनातन धर्म के सभी धर्मगुरुओ से सभी सनातन धर्मियों को गुरुकुल व्यवस्था की ओर ले चलने का आग्रह किया।


धर्म संसद में अखिल भारत हिन्दू महासभा,हिन्दू स्वाभिमान,विश्व हिंदू रक्षा संघ,देव सेना,राष्ट्रीय हिन्दू युवा वाहिनी,श्री राष्ट्रीय राजपूत करनी सेना,राष्ट्रीय हिन्दू महासंघ,राष्ट्रीय बजरंग दल,अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद,आर्य समाज सहित अनेक संगठनों का प्रतिनिधित्व रहा।

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