बैकफुट पर अखाड़ा परिषद, किन्नर करेंगे शाही स्नान, परी अखाड़े, विश्व अखाड़े पर रोक

हरिद्वार / सुमित यशकल्याण

हरिद्वार। किन्नर अखाड़ा को लेकर अखाड़ा परिषद में मचे घमासान के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद बैकफुट पर आ गया है। परिषद के महामंत्री हरि गिरि महाराज के तल्ख तेवर के बाद परिषद बैकफुट पर आया है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत नरेंद्र गिरी महाराज ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि किन्नर अखाड़ा जूना अखाड़े के साथ शाही स्नान और अन्य धार्मिक गतिविधियों में शामिल हो सकता है, लेकिन परी अखाड़े और विश्व अखाड़ा परिषद पर पाबंदी जारी रहेगी, उन्होंने कहा कि उन्होंने किन्नर अखाड़ा पर पाबंदी लगाने की बात नहीं की थी बल्कि परिषद ने किसी भी 14वे अखाड़े का पंजीकरण न करने का प्रस्ताव पास किया था,

बता दें कि 3 दिन पहले प्रयागराज में हुई अखाड़ा परिषद की बैठक में किन्नर अखाड़े और परी अखाड़े पर कुंभ मेले में पाबंदी लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। जिसके बाद से ही महामंत्री हरि गिरि महाराज खुलकर किन्नर अखाड़े के पक्ष में आ गए थे, जिसके चलते अखाड़ा परिषद के भीतर ही घमासान मच गया था, हरि गिरि महाराज ने तो महामंत्री पद से त्यागपत्र देने की चेतावनी देते हुए कहा था की किन्नर अखाड़ा जूना अखाड़े के साथ था,है और रहेगा, 2019 में प्रयागराज में हुए कुंभ मेले में जूना अखाड़े ने किन्नर अखाड़े को वचन दिया था और अपने साथ ही गंगा स्नान करवाया था जिसके बाद वह वचनबद्ध हैं किसी भी स्थिति में वह किन्नर अखाड़े को नहीं छोड़ेंगे,

अखाड़ा परिषद के फैसले पर किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी, उसके बाद अखाड़ा परिषद बैकफुट पर आ गया है और किन्नर अखाड़ा जूना अखाड़े के साथ मेले में स्नान कर सकता है यह स्थिति अध्यक्ष नरेंद्र गिरी महाराज ने स्पष्ट कर दी है इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि परी अखाड़ा व अन्य किसी भी अखाड़े की मेले में पाबंदी रहेंगी किसी भी अखाड़े को चौदवे अखाड़े के रूप में मान्यता नहीं दी जाएगी।

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