नरेंद्र गिरी तो खुद अखाड़ा परिषद के कथित अध्यक्ष हैं… त्रिकाल भगवंता

सुमित यशकल्याण

हरिद्वार ।श्री सर्वेश्वर महादेव बैकुंठ धाम मुक्ति द्वार अखाड़ा की प्रमुख स्वामी त्रिकाल भवंता सरस्वती ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी महाराज के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है जिसमें उन्होंने कहा था कि 13 ही अखाड़े रहेंगे किसी 14 वे अखाड़े को मान्यता नहीं दी जाएगी। पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी त्रिकाल भवंता ने कहा कि नरेंद्र गिरी खुद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के विधि सम्मत अध्यक्ष नहीं है वह कथित अध्यक्ष हैं।

उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है जो अपने दायित्व के पालन में बखूबी कर्तव्य पालन कर रहा है लेकिन न्याय देने का काम न्यायालय के जिम्मे है कि वह किसे वैध मानता है और किसे नहीं। उन्होंने कहा कि खुद को अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष बताने वाले महंत श्री नरेंद्र गिरी पहले तो यह बताएं कि वह किस आधार पर किसी को फर्जी अथवा गैर फर्जी प्रमाण पत्र दे सकते हैं उन्होंने कहा कि जहां तक अखाड़ों के इतिहास का मामला है पहले तो यह 13 अखाड़े भी नहीं थे। बल्कि धीरे-धीरे जोड़ते हुए तेरा हुए क्या कोई अखाड़ा अस्तित्व में आने के लिए महंत नरेंद्र गिरि यह किसी और का मोहताज होता है। स्वामी त्रिकाल भवंता ने कहा कि नैतिकता के आधार पर नरेंद्र गिरी महाराज को अपनी तथा अखाड़ा परिषद की वैधानिकता सुचिता सार्वजनिक करनी चाहिए कि उन्हें जो सुविधाएं और पैसा प्रदान किया जा रहा है वह किस मद में खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महंत नरेंद्र गिरि और 10 अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध कोर्ट से भी तलबी के आदेश जारी हो रखे हैं उन्हें कोर्ट में पेश होकर पहले तो उन्हें यह कार्रवाई अमल में लाकर कोर्ट का सम्मान रखना चाहिए और आदेशों का पालन करना चाहिए बाकी बातें तो बाद की हैं।

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