किन्नर अखाड़े को लेकर अखाड़ा परिषद हुई दो फाड़, किन्नर अखाड़ा ने की अध्यक्ष नरेंद्र गिरी की निंदा, जानें पूरा मामला

हरिद्वार / सुमित यशकल्याण

हरिद्वार। प्रयागराज में हुई अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक में किन्नर अखाड़ा को फर्जी बताए जाने पर किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी के बयान की निंदा की है और उन्होंने कहा है कि बदलाव सृष्टि का नियम है ,अखाड़ा परिषद को भी अपनी सोच बदलनी चाहिए, किन्नर अखाड़ा सनातनी अखाड़ा है और पहले की तरह ही अखाड़ा परिषद को किन्नर अखाड़ा को साथ में रखकर चलना चाहिए, उन्होंने कहा है कि किन्नर अखाड़ा अपनी आवाज उठाने और हक मांगने में सक्षम है।

किन्नर अखाड़ा को अखाड़ा परिषद द्वारा फर्जी बताए जाने के बाद अखाड़ा परिषद में ही रार शुरू हो गई है, परिषद दो फाड़ होती नजर आ रही है परिषद के महामंत्री हरि गिरि महाराज ने तो यहां तक कह दिया है कि वह अखाड़ा परिषद के महामंत्री पद को छोड़ देंगे लेकिन किन्नर अखाड़े को नहीं छोड़ेंगे,

बता दें कि 2016 के उज्जैन कुंभ में किन्नर अखाड़ा को मान्यता दी गई थी और उज्जैन कुंभ में किन्नर अखाड़ा श्रद्धालुओं के लिए एक मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। उसके बाद 2019 में प्रयागराज के कुंभ में किन्नर अखाड़ा को मान्यता दी गई थी और किन्नर अखाड़े ने जूना अखाड़े के साथ गंगा स्नान किया था, उस समय भी किन्नर अखाड़ा आकर्षण का केंद्र बना था, हाल ही में किन्नर अखाड़े के आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी हरिद्वार पहुंची थी, जिसका जूना अखाड़े में आदर सत्कार किया गया था । उन्होंने हर की पेडी पहुंच कर भी गंगा पूजन भी किया था, वहां पर गंगा सभा के पदाधिकारियों द्वारा भी उनका स्वागत किया गया था,

उन्होंने अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरि गिरि महाराज के साथ मेला अधिकारी दीपक रावत से भी मुलाकात की थी, ऐसे में अखाड़ा परिषद का किन्नर अखाड़ा को फर्जी बताया जाना कहीं ना कहीं अखाड़ा परिषद में दो फाड़ का इशारा कर रहा है, अब देखने वाली बात यह होगी कि परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी महाराज अपनी सोच बदल कर अपने कदम पीछे खींचते हैं या महामंत्री हरि गिरि महाराज अखाड़ा परिषद का पद छोड़ते हैं यह आने वाला समय तय करेगा, फिलहाल किन्नर अखाड़े को लेकर परिषद दो फाड़ नजर आ रहा है।

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