मौनी अमावस्या से 3लाख 76 हजार श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, कोविड-19 की गाइडलाइन को लेकर 969 लोगों के हुए चालान

सुमित यशकल्याण

हरिद्वार । मौनी अमावस्या का स्नान आज शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हो गया है, कुम्भ मेला पुलिस कल शाम से ही अपनी ड्यूटी पर तैनात हो गई थी। इस स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की संख्या में कोरोना संक्रमण और चमोली में हुई ग्लेशियर खिसकने की घटना का असर साफ दिखाई दिया, परन्तु फिर भी रात्रि 12 बजे के बाद से ही हर की पैड़ी एवं अन्य घाटों पर स्नानार्थियों का आवागमन शुरू हो गया था।

सुबह सूर्योदय के साथ जैसे-जैसे मौसम में साफ खिली धूप के कारण गर्माहट बढ़ती गई वैसे-वैसे ही मेला क्षेत्र के होटल, धर्मशालाओं, लॉज, आश्रमों में ठहरे हुए श्रद्धालु और स्थानीय लोग गंगा स्नान के लिये घाटों पर पहुंचने लगे थे, कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया।

स्नान पर ये रही यातायात व्यवस्था।

देर रात से ही हरिद्वार सीमा में भी वाहनों के आने की दर में लगातार वृद्धि होने लगी और चमगादड़ टापू और पावनधाम की वाहन पार्किंग वाहनों से भरने लगी थी, यातायात एवं पार्किंग ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल द्वारा यातायात योजना और उच्चाधिकारीगण के निर्देशों के अनुसार ही वाहनों को निर्धारित चमगादड़ टापू और पावन धाम पार्किंग तक पहुंचाया गया।

सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में मेले के दौरान कोविड सम्बंधित गाइड लाइन का पालन न करने वाले लगभग 969 लोगों का चालान भी किया गया।*

अभिसूचना विभाग के अधिकारी/कर्मचारीगण के द्वारा मेला क्षेत्र में बादस्तुर सतर्क दृष्टि रखी गई और संदिग्ध वस्तु/व्यक्तियों की चैकिग-फ्रिस्किंग की कार्यवाही की जाती रही।

उत्तराखंड आतंकवाद निरोधक दस्ते, उत्तराखंड पीएसी एवं केंद्रीय अर्धसैनिक बल के जवान भी किसी भी विपरीत परिस्थिति से निबटने के लिये अपनी-अपनी जगहों पर सतर्क रहे।

अग्निशमन विभाग की सभी 15 टीमें हरिद्वार और 05 टीमें ऋषिकेश में पूरी तैयारी के साथ निर्धारित स्थलों पर अग्निशामक उपकरणों और फायर टेंडर सहित किसी भी आपात स्थिति के लिये तैयार रहे।

घुड़सवार पुलिस दस्ते के जवान शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु लगातार गश्त करते रहे।

जल पुलिस, SDRF और आपदा राहत दल की सम्मिलित टीमें 06 स्थानों 1. हर की पैड़ी, 2. भूमा निकेतन, 3. प्रेमनगर आश्रम, 4. जटवाड़ा पुल और 5. नमामि गंगे घाट चंडी घाट, 06. ऋषिकेश क्षेत्र में स्थित घाटों पर स्नान करते लोगों को लगातार सतर्क करते हुए निगरानी करती रही, जिस कारण श्रद्धालुओं के डूबने की कोई घटना नही हुई।

बम निरोधक दस्ते की 07 टीमें अपने स्निफर डॉग्स (Dogs) एवं बम निरोधक उपकरणों के साथ नियमित अंतराल पर हर की पैड़ी एवं आस-पास के संवेदनशील क्षेत्रों में गहन रूप से एन्टीसेबोटाज चेक की कार्यवाही करती रही।

सम्पूर्ण स्नान पर्व के दौरान मेला नियंत्रण भवन में संचार पुलिस बल के अधिकारी-कर्मचारीगण द्वारा अपने सम्मिलित प्रयासों से निर्बाध रेडियो संचार व्यवस्था संचालित की गयी। रेडियो संचार व्यवस्था के निर्विघ्न संचालन के लिये नियंत्रण भवन में ट्रैफिक ग्रिड सहित 05 संचार ग्रिडों की स्थापना की गई थी।

रेडियो संचार व्यवस्था के अतिरिक्त संचार पुलिस बल के द्वारा 1150 निजी/संस्थागत कैमरों एवं 96 पुलिस कैमरों के माध्यम से सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में सतर्क दृष्टि रखी गई।

संजय गुंज्याल पुलिस महानिरीक्षक कुम्भ मेला 2021 हरिद्वार द्वारा देर रात्रि स्नान प्रारंभ होने के साथ ही प्रमुख स्नान घाटों पर स्नानार्थियों की संख्या, चमगादड़ टापू पार्किंग में वाहनों की संख्या एवं यातायात स्तिथि की जानकारी सम्बंधित जोनल तथा सेक्टर प्रभारियों से प्राप्त की जाती रही।

इसके पश्चात आईजी कुम्भ स्वयं मेला नियंत्रण भवन स्तिथ CCTV कंट्रोल रूम में जाकर हर की पैड़ी सहित अन्य घाटों, प्रमुख मार्गों और चमगादड़ टापू पार्किंग की स्तिथि को CCTV कैमरों के माध्यम से देखते रहे और स्थलीय ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारीगण से लगातार संपर्क कायम कर उन्हें समय-समय पर परिस्तिथी अनुसार यथोचित दिशा-निर्देश देते रहे।

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