पॉलीथिन मुक्त कुम्भ में बड़ा विकल्प बनेगी पूण्यशिला

हरिद्वार/ तुषार गुप्ता


हरिद्वार। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पर्यावरण विभाग द्वारा कुम्भ 2021 को पोलोथिन मुक्त बनाये जाने के लिए अधिक से अधिक जन सहभागिता हो ,इसके लिए समाज के विभिन्न वर्गों से चर्चा परिचर्चा की गई। पर्यावरण को बचाने के लिए सभी ने अपने अपने विचार साझा किए।
दो दिन अलग अलग हुई बैठकों में पर्यावरण विभाग के राष्ट्रीय सयोंजक गोपाल आर्य ने पर्यावरण को बचाने के लिए पॉलीथिन के प्रयोग को रोकने व वन टाइम यूजर पॉलीथिन से इक्रो ब्रिक बनाये जाने की जानकारी दी। सन्त-महंतो के वार्ता के दौरान पर्यावरण संरक्षण में महापुरुषों के मार्गदर्शन का आह्वान किया गया। उन्होंने बताया कि आप के द्वारा वन यूज पॉलीथिन को एक बोतल में भरवाई जाए। आपकी प्रेरणा से लोगो मे जागरूकता आएगी। एक प्लास्टिक की खाली बोतल में करीब साढ़े तीन किलो पोलिथन आती है। यह पॉलिथीन यदि सड़क पर कूड़े में जाएगी तो चौतरफा नुकसान करती है। एक सुझाव आया कि हरिद्वार आने वाले सभी यात्रियों से आग्रह किया जाए कि वह जो पानी को बोतल खरीदते हैं, उसे खाली होने पर फैके नही बल्कि उसे अपने पास ही रखे और वह जो कुछ भी ऐसा सामान खरीदते हैं जिसमें पन्नी का रैपर हो उसे साफ करके उस खाली बोतल में डालते रहे, तब तक डालते रहे जब तक वह पूरी तरह भर ना जाए। जब वह भर जाए तब उसे डस्ट बिन में घेरे। इसी तरह का प्रयोग यदि हम सब अपबे अपने संस्थानों व घरो पर भी करे तो हजारों टन प्रतिदिन कचरे में जाने वाली पॉलीथिन से होने वाले दुष्परिणामो को रोक सकते है। कुम्भ में इस प्रकार की इक्रो ब्रिक को पुण्य शीला का नाम भी दिया जा सकता है ।पर्यावरण सुरक्षित रखने के लिए एवं संरक्षण के लिए आवश्यक है कि कम से कम पॉलिथीन का उपयोग ना के बराबर ही हो। कुंभ मेले में इन चीजों से बचने के लिए जागरूकता अभियान जोर शोर से चलाए जाने की आवश्यकता बताई गई।चर्चा ने किसी ने कहा कि विज्ञान का सिद्धांत है कि जिस वस्तु को नष्ट नहीं किया जा सकता हम उसका स्वरूप बदल सकते हैं। जैसे प्लास्टिक के माध्यम से हम सड़कें भी बना सकते हैं। इसका उपयोग हम भराव के रूप में भी कर सकते हैं। जिसके लिए हमें पॉलीथिन प्लास्टिक आदि को एक जगह एकत्र करना होगा। इसके लिए पुण्य शीला एक बहुत बड़ा माध्यम बन सकता है। सड़कों पर फैली पॉलिथीन को हम एकत्र नहीं कर सकते। परंतु बोतल के अंदर रखी हुई पॉलिथीन एक तो सड़कों पर नहीं जाएगी, जानवर नही खायेगे, नालियों में भी नहीं जाएगी तो नाली सीवर चोक नही होने साथ ही गंदगी का पर्याय नहीं बन सकती और हम उसका सदुपयोग कर सकते हैं।
व्यापार मंडल, समाजिक समस्थाओं, स्कूल-कालेज प्रबन्धन,सन्त-महंतों, पत्रकार सही तीर्थ पुरोहितो के प्रतिनिधि मंडल आए हुई अलग अलग वार्ताओं में पॉलीथिन मुक्त कुम्भ बनाने को लेकर कई सुझाव आये। जिन पर एक विस्तृत योजना बना कर कुम्भ मेले के दौरान कार्य किया जायेगा।


जन जागरण अभियान में राम गोपाल आर्य के साथ स्वामी सहजानन्द महाराज, प्रान्त पर्यावरण प्रमुख डॉ. रधुवीर सिंह रावत,केंद्रीय सदस्य विनोद मेलाना, सुश्री नियति, सिद्धार्थ जी, देहरादून विभाग सयोजक कैलाश मेलाना,जिला सयोजक विपिन यादव ,सह सयोजक मनीष चौधरी, अंकित सैनी ,अमित कुमार आदि मुख्य थे।

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