श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर हुए ब्रह्मलीन,संत समाज मे शोक,

हरिद्वार / गोपाल रावत

हरिद्वार। श्रीपंच दशनाम जूना अखाडे के महामण्डलेश्वर प्रकाशानंद गिरि जी महाराज का मुम्बई स्थित आश्रम में आकस्मिक निधन हो जाने से समस्त साधु-समाज में गहरा शोक व्याप्त हो गया। अध्यात्म जगत की महान विभूति,कुशल वक्ता तथा सेन समाज में अत्यन्त लोकप्रिय ब्रहमलीन महामण्डलेश्वर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री तथा जूना अखाड़े के अन्र्तराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के शिष्य थे। उनके इस आकस्मिक निधन का समाचार मिलते ही श्रीमहंत हरि गिरि महाराज,अखाड़े के राष्ट्रीय सभापति श्रीमहंत प्रेमगिरि महाराज,राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि,राष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत मोहन भारती,अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेन्द्र गिरि महाराज व देश के विभिन्न भागों से साधु संत मुम्बई पहुच गए है। हरिद्वार में जूना अखाड़ा के साधु-संत व नागा सन्यासियों ने पूर्व सभापति श्रीमहंत सोहन गिरि की अध्यक्षता में शोक सभा का आयोजन कर ब्रहमलीन महामण्डलेश्वर श्रीमहंत प्रकाशानंद गिरि को भावमीनी श्रद्वांजलि दी। राष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत महेशपुरी ने उनके निधन को अखाड़े तथा संत जगत की अपूरणीय क्षति बताया। शोक सभा में विगत दिनों ब्रहमलीन हुए भवनाथ मन्दिर जूना गढ़ के दिवंगत महामण्डलेश्वर श्रीमहंत मुक्तानंद गिरि तथा अनुसूईया आश्रम के ब्रहमलीन श्रीमहंत रामचंद गिरि को भी श्रद्वांजलि सुमन अर्पित किए। श्रद्वांजलि सभा में थानापति लालभारती,महंत रणधीर गिरि,महंत आजाद गिरि,महंत महादेवानंद गिरि,महंत परमानंद गिरि,महंत विवके पुरी आदि उपस्थित थे।

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