हरिद्वार में भूमिगत विद्युत लाइन के दुष्प्रभाव आने लगे सामने, फाल्ट को ढूंढने में लगे 10 घंटे, भविष्य में बढ़ सकती है शहर वासियों की परेशानी,

हरिद्वार/ सुमित यशकल्याण

हरिद्वार । शहर में तारों के जाल से मुक्ति दिलवाने के नाम पर भूमिगत बिजली की लाइन डालने का कार्य चल रहा है कुछ हिस्सों में भूमिगत बिजली की लाइन का काम पूरा भी हो गया है, बिजली सप्लाई भूमिगत लाइन से होने लगी है लेकिन यह भूमिगत बिजली की लाइन लोगों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है इसका ताजा उदाहरण बना उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र, जहां पर भूमिगत लाइन में आए फाल्ट को ढूंढने में 10 घंटे लग गए इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आने वाले समय में शहर वासियों को इस भूमिगत बिजली की लाइन से कितना फायदा या कितना नुकसान होने वाला है।

मामला उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र का है जहां पर भूमिगत बिजली की लाइन में आए फाल्ट को ढूंढने में ऊर्जा निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को 10 घंटे लग गए जिसकी वजह से करीब पचास हजार की आबादी ने पूरी रात दिक्कतों का सामना किया, इस संकट के पीछे कार्यदाई संस्था और ऊर्जा निगम के तालमेल की कमी को बड़ा कारण बताया जा रहा है , दरअसल कर्मचारियों के पास भूमिगत विद्युत लाइन का ब्लू प्रिंट नहीं था फीडर पर कार्यदाई संस्था विध्या टेलिलिंक्स लिमिटेड का कोई कर्मचारी भी तैनात नहीं था जिसकी वजह से रात आए फाल्ट को सुबह 10:00 बजे ठीक किया जा सका तब जाकर लोगों की बिजली आपूर्ति शुरू हुई।

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