क्या कभी आप ने ये सोचा है की क्यों 14 फ़रवरी को हम valentine day मनाते हैं?

Haridwar / Tushar Gupta

हमारे देश भारत को त्योहारों का देश माना जाता है क्यूंकि यहाँ सभी लोग मिल कर एक साथ सारे त्योहारों को खुसी से मनाते हैं जैसे होली, दिवाली, ईद, क्रिसमस इत्यादि.भारत में जितने भी प्रकार के त्यौहार मनाये जाते हैं उन सभी त्योहारों के पीछे एक सच्ची कहानी होती है जो इतिहास के पन्नो पर लिखी गयी है और वो सभी त्यौहार सदियों से चली आ रही है जो एक रिवाज की तरह बन गयी है जिसे सभी लोग अपने अपने तरीके से मनाते हैं.एक और ऐसा दिन है जो Valentine Day के नाम से जाना जाता है, इस दिन को हम प्यार का दिन केहते हैं और हर साल के फ़रवरी माह को प्यार का महिना कहते हैं.

इस दिन के पीछे भी एक कहानी है जिसके बारे में सायद आप लोगो को पता भी होये कहानी एक दुष्ट राजा और कृपालु संत valentine के बिच हुए मुठभेड़ के बारे में है. इस दिन की शुरुआत होती है Rome की तीसरी सदी से जहाँ एक अत्याचारी राजा हुआ करता था जिसका नाम Claudius था.Rome के राजा का ये मानना था की एक अकेला सिपाही एक शादी शुदा सिपाही के मुकाबले जंग के लिए एक उचित और प्रभावशाली सिपाही बन सकता है क्यूंकि शादी शुदा सिपाही को हर वक़्त बस इसी बात की चिंता लगी रहती है की उसके मर जाने के बाद उसके परिवार का क्या होगा. और इसी चिंता से वो जंग में अपना पूरा ध्यान नहीं दे पाता है. यही सोच कर Claudius राजा ने ऐलान किया की उसके राज्य का कोई भी सिपाही शादी नहीं करेगा और जिस किसी ने भी उसके इस आदेश का उलंघन किया तो उसे कड़ी सजा दी जाएगी.

राजा के इस फैसले से सभी सिपाही दुखी थे और उन्हें ये भी पता था की ये फैसला गलत है लेकिन राजा के डर से किसी ने भी इसका उलंघन करने का हिम्मत नहीं किया और उनकी इस आज्ञा का पालन करने के लिए मजबूर हो गए.लेकिन Rome के संत Valentine को ये नाइंसाफी बिलकुल मंजूर नहीं थी इसलिए उन्होंने राजा से छुपकर युवा सिपाहियों का मदद किया और उनकी शादी करवाने लेगे.जो भी सिपाही अपने प्रेमिका से शादी करना चाहते थे वो valentine के पास मदद मांगने जाते थे और valentine उनकी मदद भी करते थे और उनकी शादी करवा देते थे. इसी तरह valentine ने बहुत से सिपाहियों की गुप्त शादी करवा चुके थे.

लेकिन सच ज्यादा दिन तक नहीं छुपता किसी ना किसी दिन वो सबके सामने बाहार निकल कर आ जाता है. उसी तरह valentine के इस कार्य के बारे में भी Claudius राजा के कान में खबर पहुँच गयी.Valentine ने राजा के आदेश का पालन नहीं किया इसलिए राजा ने valentine को सजा-ए-मौत की सजा सुना दी और उन्हें जेल के अन्दर डाल दिया गया.जेल के अन्दर valentine अपनी मौत की तारीख का इंतज़ार कर रहे थे और एक दिन उनके पास jailor आया जिसका नाम Asterius था. Rome के लोगों का केहना था की valentine के पास एक दिव्य शक्ति थी जिसके इस्तेमाल से वो लोगो को रोगों से मुक्ति दिला सकता था.Asterius की एक अंधी बेटी थी और उसे valentine के पास बसी जादुई ताकात के बारे में पता था इसलिए वो valentine के पास जाकर उनसे विन्नती करने लगा की उसकी बेटी की आँखों की रौशनी को अपने दिव्य शक्ति से ठीक कर दे.Valentine एक नेक दिल के इंसान थे और वो सबकी मदद करते थे इसलिए उन्होंने jailor की भी मदद की और उनकी अंधी बेटी की आँखों को भी अपनी शक्ति से ठीक कर दिया.उस दिन के बाद से Valentine और Asterius के बेटी के बिच गेहरी दोस्ती हो गयी थी और वो दोस्ती कब प्यार में बदल गयी उन्हें पता ही नहीं चला. Asterius की बेटी को Valentine की मौत होने वाली है ये सोच सोच कर उसको गहरा सदमा लग गया था.

और आखिर कर वो दिन 14 फ़रवरी आ गया था जिस दिन valentine को फाँसी लगने वाली थी. अपनी मौत से पहले valentine ने jailor से एक कलम और कगाज़ माँगा और उस कागज़ में उसने jailor की बेटी के लिए अलविदा सन्देश लिखा, पन्ने के आखिर में उसने “तुम्हारा valentine” लिखा था, ये वो लफ्ज़ हैं जिसे आज भी लोग याद करते हैं.Valentine के इस बलिदान के वजह से 14 फ़रवरी को उनके नाम से रखा गया और इस दिन को पूरी दुनिया में सभी प्यार करने वाले लोग valentine को याद करते हैं और एक दुसरे के साथ प्यार बाँटते हैं.

इस दिन को सभी प्यार करने वाल लोग अपने प्रेमी प्रेमिका को फुल, तोहफे और chocolates दे कर अपने प्यार का इजहार करते हैं.

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