मेला प्रशासन के टेंट और तम्बू ना लगाने के फैसले के बाद बैरागी अखाड़ो ने की ये मांग

सुमित यशकल्याण

हरिद्वार में 1 अप्रैल से शुरू होने जा रहे कुंभ मेले में इस बार टेंट और तंबू नहीं लगेंगे, मेला प्रशासन ने कॉविड की गाइडलाइन को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। जिसके तहत मेला क्षेत्र में टेंट और तंबू नहीं लगाए जाएंगे, अखाड़े अपनी छावनी से ही कुंभ मेले के स्नान करेंगे, इस स्थिति में बैरागीओ के तीनों अखाड़ों के सामने संकट खड़ा हो गया है क्योंकि तीनों ही अखाड़े कुंभ मेला क्षेत्र में बैरागी कैंप में टेंट और तंबू लगाकर रहते थे , मेले में स्नान करते थे, आज बैरागी अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने प्रेस वार्ता कर मेला प्रशासन से बैरागियों की छावनी के लिए प्लाट आवंटन करने की मांग की है, श्री दिगंबर आणि के मेला प्रभारी बाबा हठयोगी ने कहा है कि बैरागी कैंप तीनों बैरागी अखाड़ों की छावनी है और हमेशा से यह हमारा पड़ाव होता रहा है अगर मेला प्रशासन टेंट और तंबू नहीं लगने दे रहा है तो प्रशासन हमें टीन लगाने के लिए ही प्लाटों का आवंटन करें, उन्होंने कहा कि 27 फरवरी को माघ मेले की समाप्ति के बाद हमारे खालसे यहां पर आ जाएंगे ऐसे में मेला प्रशासन के सामने उन्हें ठहराने की बड़ी चुनौती खड़ी हो जाएगी, लिहाजा मेला प्रशासन हमें जल्द से जल्द प्लाट आवंटन करें, उन्होंने मेला प्रशासन पर बैरागी अखाड़ा की अपेक्षा करने का आरोप लगाया है ,

बाबा हठयोगी,दिगम्बर आणि अखाड़ा,

इस मौके पर जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी अयोध्याचार्य ने कहा कि अगर अखाड़ा परिषद की बैठक बैरागी कैंप में होगी तो अखाड़े उसमें शामिल होंगे, अन्य किसी अखाड़े में हुई बैठक वह मान्य नहीं करेंगे, उन्होंने भी जल्द से जल्द बैरागी अखाड़ों के लिए प्लाट आवंटन करने की मांग की है।

जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी अयोध्याचार्य महाराज

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